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- मुकुल श्रीवास्तव
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उत्तर प्रदेश के जौनपुर ज़िले के एक गाँव कुल्हनामऊ में ग़रीबी के कारण दलितों का अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाज़ों के अनुसार न कर उन्हें ज़मीन में दफ़नाया जाता है.
मृतकों को दफ़नाने के लिए गाँव में ही बाकायदा एक क़ब्रिस्तान बना हुआ है .
गाँव के 80 वर्षीय बुज़ुर्ग मुरली बताते हैं कि अंग्रेजों के ज़माने से यहाँ मृतकों को दफ़नाया जाता रहा है. पहले यहाँ सिर्फ साधुओं को ही दफ़नाया जाता था लेकिन बाद में गाँव के ग़रीब लोग अपने संबंधियों को यहाँ दफ़नाने लग गए .
अंतिम संस्कार के लिए शवों को दफ़ना देना एक सस्ता विकल्प है. मुरली के परिवार के सभी रिश्तेदार गाँव के इसी क़ब्रिस्तान में दफ़न हैं.
- लेकिन मुरली यह कहना नहीं भूलते, "अगर अच्छा खाना मिले तो कोई ख़राब खाना नहीं खाएगा. अगर मेरा अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाज़ों के अनुसार हो तो मैं अपने आपको धन्य मानूँगा."
- वे चाहते हैं कि सरकार इस ओर ध्यान दे. वे कहते हैं, " जीवन तो जैसे तैसे कट ही जाएगा लेकिन हम अपना परलोक नहीं बिगाड़ना चाहते हैं."
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