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- हमने जो सुना इसमें मुथालिक कह रहा था कि लोगों को नहीं मरवाया जा सकता क्योंकि ये अच्छी बात नहीं इस पर तहलका का षडयन्त्रकारी कहता है कि देखों हमें पबलिसिटी चाहिए और पबलीसिटी तभी मिलेगी जब ज्यादा से ज्यादा लोग मारे जायेंगे।साथ ही वो यह भी कहता है कि वो ये बाचत किसी को नहीं बयाएगा कि मिडीया ने इन लोगों का कत्ल पबलिसी के लिए करवाया है तब मुथालिक जबाब देता है कि अनगर आत्मा है(छाती की ओर इसारा करते हुए) जो गलत काम नहीं करने देती ।अब आप सोचो कि ये स्टिग आपरेसन मिडीया का हुआ या फिर मुथालिक का या दोनों का ...खैर यह एक योजना थी मिडीया की हिन्दूओं को एक बार पिर सांप्रदायिक दंगों के लिए दोषी ठहराने की
- अगर हम 1945 तक हुए हिन्दुओं के नरसहारों को न भी लिखें तो भी इन मुस्लिम जिहादियों ने 1946 के बाद ही हिन्दुओं पर इतने जुल्म ढाये हैं कि इनके बारे में सोचते ही रौंगटे खड़े हो जाते हैं ।
मन ये सोचने पर मजबूर हो जाता है कि हिन्दू ये सब कैसे और क्यों सहन कर गए ?
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