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Monday, April 25, 2011

इमाम की पिटाई के बाद मेरठ में दंगा - Jagran

http://in.jagran.yahoo.com/news/national/crime/5_18_7632938.html

इमाम की पिटाई के बाद मेरठ में दंगा


शहर में छोटे से विवाद के बाद रविवार को सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा। उत्तेजित भीड़ ने रात को दूसरे संप्रदाय की डेढ़ सौ दुकानें और 200 वाहन फूंक डाले। उनमें जमकर लूटपाट की। दंगाइयों ने जमकर फायरिंग की, जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया। तीन पुलिस चौकियों को भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस पर जमकर पथराव किया। दंगाई देर रात तक बेकाबू थे। स्थिति बिगड़ने के बाद कई जिलों की फोर्स बुला ली गई।
मामले की शुरुआत काजीपुर में एक इमाम से निजी झगड़े के दौरान मारपीट से हुई। पिटाई से इमाम को हल्की चोटें आई थीं। इससे गुस्साए लोगों ने हापुड़ रोड स्थित बिजली-बंबा चौकी के सामने जाम लगा दिया और घंटों हंगामा किया। बमुश्किल पुलिस ने हालात पर काबू किया गया। कुछ ही देर बाद आग फिर भड़क उठी। शास्त्रीनगर स्थित कमेले और एल ब्लाक के पास इकट्ठी भीड़ हिंसा पर उतारू हो गई। एल ब्लाक और कमेला पुलिस चौकी को पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया। इसके बाद दंगाई हापुड़ रोड की ओर नारेबाजी करते हुए बढ़ गए और एक किमी की परिधि में स्थित बहुसंख्यक संप्रदाय की एक के बाद एक 200 दुकानों में आग लगा दी। 80 खोके और तीन बसों को फूंक डाला। एक इंडिका कार, एक एंबेसेडर और पुलिसकर्मी की मोटरसाइकिल जलाईं। इसके बाद तो जो भी वाहन सामने पड़ा, वही फूंक डाला। करीब दो सौ वाहनों को फूंक दिया गया। एल ब्लाक पर नुकसान से पीड़ितों की भीड़ जुटी, लेकिन पुलिस ने खदेड़ दिया।
दंगे की सूचना पर नौचंदी मेले में भी भगदड़ मच गई। वहां से लौट रहे लोगों पर दंगाइयों ने जमकर पथराव किया। कई लोग चोटिल हो गए। रात बारह बजे के बाद तक हालात बेकाबू थे। पूरे मेरठ जोन की पुलिस पहुंचनी शुरू हो गई थी। आरपीएफ की टुकड़ी भी लगा दी गई थीं पर दंगाई लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। उधर इमाम से मारपीट के आरोपी पांच स्थानीय युवकों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
कैसे क्या हुआ
-काजीपुर गांव के बाहरी हिस्से में स्थित मस्जिद में चार माह से इकरार अहमद इमाम हैं। आरोप है कि शाम करीब साढ़े छह बजे वह मस्जिद के अंदर बच्चों को पढ़ा रहे थे। उसी समय गांव के ही दूसरे समुदाय के छह लड़के वहां पहुंचे। उन्होंने इमाम के साथ मारपीट शुरू कर दी।

Riot hits Meerut, more than dozen people injured

http://www.indianexpress.com/news/riot-hits-meerut-more-than-dozen-people-injured/780988

More than dozen people, including police officials, were injured after two communities clashed with each other over the attack on a religious leader in the Kazipur area here, a senior police official said today.
The incident took place yesterday when an altercation broke out between local mosque Imam Ikrar Ahmed and Sandeep, a local resident, following which the latter and his three other aides attacked Ahmed and fled from the spot immediately, Deputy Inspector General J N Singh said.
Triggering a protest, miffed members from the community took to the streets, torched several commercial establishments and vehicles, he said adding, that the police rushed to the spot immediately and brought the situation under control.
"A case has been registered against the absconding five accused who were behind the attack on the Imam. We have also arrested 17 people for their involvement in the communal clash," Singh said.
He said that several police officials also sustained injuries as both the communities resorted to firing and stone pelting.
All the educational institutions, including schools and colleges were closed today as a part of precautionary measures, he said.

Meerut Riot मेरठ में साम्प्रदायिक हिंसा, 30 घायल-उत्तर-भारत-Navbharat Times

http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/8078041.cms?frm=mailtofriend
 Meerut Riot
मेरठ।।
उत्तर प्रदेश के मेरठ में दो समुदाय के लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद हुए पथराव में 10 पुलिस अधिकारियों सहित करीब 30 लोग घायल हो गए। हिंसा के सम्बंध में अब तक 17 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

हिंसा रविवार देर रात उस समय भड़की जब जिले के काजीपुरा कस्बे में कुछ युवकों ने कथित रूप से एक मस्जिद में घुसकर वहां के इमाम के साथ मारपीट की।

मारपीट करने वाले युवकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एक समुदाय के लोगों ने शास्त्री नगर इलाके में कई दुकानों व रोडवेज बसों को आग के हवाले कर दिया। जैसे ही यह खबर फैली अलग-अलग इलाकों में दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गये और एक दूसरे पर जमकर पथराव किया।

उपद्रवियों ने एम-ब्लाक पुलिस चौकी में आगजनी करके कई निजी वाहनों में तोड़फोड़ की। पुलिस को हालात काबू में करने के लिए उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। जिले के पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि हिंसा और आगजनी करने के आरोप में अब तक 17 लोगों को हिरासत में लिया गया है। अन्य की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

सिंह ने कहा कि जांच की जा रही है कि कहीं इस हिंसा को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जान बूझकर तो नहीं भड़काया गया।

मेरठ जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रजनीकांत मिश्रा ने कहा कि फिलहाल हालात तनावपूर्ण लेकिन पूरी तरह से काबू में है। पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर डेरा डालकर स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं। मिश्रा ने इस बात से साफ इनकार किया कि उपद्रवियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की तरफ से गोली चलानी पड़ी।

अधिकारियों के मुताबिक तनावग्रस्त इलाकों में प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) के साथ आसपास के जिलों से बुलाए गए पुलिस बल को तैनात किया गया है। घायलों में सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। आईएएस ऑफिसर सुभाष चंद शर्मा ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और फिलहाल एहतियात के तौर पर
शहर के सभी स्कूल, कॉलेजों को सोमवार को बंद रखने का आदेश दिया गया है।