Monday, August 17, 2009

VHP to launch `Gau-Gram yatra` from Bengaluru

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    • Vishwa Hindu Parishad (VHP), Bajrang Dal and Durga Vahini are going to launch 'Gau-Gram' yatra from Bengaluru on September 30, which will go through all over the country and conclude at Nagpur on January 17, 2010, VHP's International Executive president S Vedantaya said.

      The yatra will aim at bringing awareness among Hindus on banning the cow slaughter in the country and also strengthen its membership drive.

...बिकॉज माई नेम इज 'खान'! - IBNखबर ब्लॉग

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    अर्चना पुष्पेंद्र सिंह
    • अर्चना पुष्पेंद्र सिंह
    • मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाली फिल्म इंडस्ट्री की बड़ी हस्तियां बड़ी आसानी से अपनी परेशानियों के लिए खुद के मुस्लिम होने पर दोष मड़ देती हैं लेकिन वो भूल जाती हैं कि उनके इस तरह के गैरजिम्मेदाराना बयान से बाकी समुदाय के लोगों पर कितना बुरा असर पड़ता है।
    • अभी हाल ही में फिल्म अभिनेता इमरान हाशमी ने मीडिया में आकर आरोप लगाया था कि उनके धर्म की वजह से उन्हें मुंबई में घर नहीं मिल रहा।
    • अब उन्हें घर मिल गया है और वो काफी खुश भी हैं। कहने लगे कि ब्रोकर और उनके बीच गलतफहमी हुई थी। लेकिन उनको शायद अंदाजा नहीं कि उनका ये गैरजिम्मेदाराना बयान दो समुदायों के बीच कैसी खाई पैदा कर सकता था। क्या मुंबई में इमरान इकलौते मुसलमान हैं?
    • इमरान से पहले शबाना आजमी ने भी इसी तरह के आरोप लगाए थे। ऐसे में अगर आने वाले समय में कोई और मुस्लिम सेलेब्रिटी ये आरोप लगाए, तो चौंकने की जरूरत नहीं है
    • जलता हुआ सवाल ये कि आखिर क्यों ये लोग हर बार हर परेशानी के लिए मुस्लिम होने को ही सबसे बड़ी वजह बताते हैं और हिन्दुओं के प्रति पूरे मुस्लिम समुदाय में जहर घोलते हैं।
    • लेकिन फिर भी हर बार बड़ा मसला होने पर मुस्लिम होने को ही वजह बताते हैं। क्या ये धार्मिक ब्लैकमेलिंग नहीं है?
    • सच्चाई तो यह है कि हिंदुस्तान में मुसलमान जितना निर्भय और सुरक्षित महसूस करते हैं उतना दुनिया के किसी भी और मुल्क में नहीं करते।

       

Sunday, August 16, 2009

जसवंत सिंह की किताब और जिन्ना-नेहरू विवाद

  • pak
    • ‘जिन्ना, भारत-विभाजन के आईने में’ के कुछ अंश


      - स्टेनली वूल्पार्ट ने ‘शेमफुल फ्लाइट’ में लिखा है कि ‘आजादी’ के उन भयानक दिनों में तबाही लाने वाली हत्याओं और विस्थापन के दौर से देश जिस तरह गुजरा, उसके बाद भी नेहरू ने माउंटबेटन के जाते समय उनसे कहा था, ‘संभव है कि हमने-आपने और मैंने, बहुत गलतियां की हों। एक या दो पीढ़ी बाद के इतिहासकार यह फैसला करने योग्य होंगे कि हमने क्या सही किया और क्या गलत। विश्वास कीजिए कि हमने सही करने की कोशिश की है और इसलिए हमारे कई पाप माफ हो जाएंगे और हमारी गलतियां भी।’


      ‘सवाल यह उठता है कि आखिर कांग्रेस को (विभाजन की) इतनी ज्यादा जल्दी क्यों थी? क्या इसलिए कि उनका पूरा नेतृत्व तब तक बुरी तरह थक चुका था? या इसलिए कि तब तक अंतरिम सरकार में कांग्रेस ने सत्ता का स्वाद चख लिया था और यह महसूस किया जाने लगा कि अब वे इतनी आसानी से ‘सत्ता’ को छोड़ने के इच्छुक नहीं थे।

Fresh row at Pashupati with Indian priests set for appointment - DNAIndia.com

ये मेरा इंडिया!: रेलवे की नौकरी के लिए परीक्षा का प्रश्नपत्र हिन्दी में नहीं होगा!!

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    • भई वाह! रेलवे की नौकरी के लिए परीक्षा हो और उसका प्रश्नपत्र हिन्दी में न हो, क्या ऐसा संभव है? अभी तक तो नहीं था, लेकिन स्वतंत्रता दिवस के दो दिन पहले यह खबर है कि रेल मंत्रालय ऐसा करने की तैयारी में है। खबरें बताती हैं कि रेलमंत्री ममता बनर्जी ने मंत्रालय संभालने के बाद यह नोटिस जारी किया कि रेलवे की परीक्षाएँ अँगरेजी या क्षेत्रीय भाषा में कराई जाएँ।
    • सवाल है कि जो हिन्दी हमारी राष्ट्रीय भाषा है, उसकी क्या इस तरह उपेक्षा की जा सकती है?