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पाकिस्तानी करते हैं हिंदू डॉक्टरों पर विश्वास
- पाकिस्तानी नागरिक हिंदू डॉक्टरों को ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि हिंदू डॉक्टर ज्यादा काबिल और पेशे के प्रति ईमानदार हैं। यह बात पाकिस्तान की यात्रा से लौटे जीवन प्रबंधन गुरु पं. विजयशंकर मेहता ने शनिवार को मीडिया से कही।
उन्होंने बताया 11 दिनी यात्रा में उन्होंने हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, महाभारत और जीवन प्रबंधन पर 13 व्याख्यान दिए। संत शदारामजी की 301वीं जन्मतिथि पर शदाणी दरबार के नौवें पीठाधीश्वर युधिष्ठिरलालजी के नेतृत्व में यह यात्रा आयोजित की गई थी।
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Sunday, November 29, 2009
पाकिस्तानी करते हैं हिंदू डॉक्टरों पर विश्वास
जहाँ दलितों को दफ़नाया जाता है - Oneindia Hindi
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- मुकुल श्रीवास्तव
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उत्तर प्रदेश के जौनपुर ज़िले के एक गाँव कुल्हनामऊ में ग़रीबी के कारण दलितों का अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाज़ों के अनुसार न कर उन्हें ज़मीन में दफ़नाया जाता है.
मृतकों को दफ़नाने के लिए गाँव में ही बाकायदा एक क़ब्रिस्तान बना हुआ है .
गाँव के 80 वर्षीय बुज़ुर्ग मुरली बताते हैं कि अंग्रेजों के ज़माने से यहाँ मृतकों को दफ़नाया जाता रहा है. पहले यहाँ सिर्फ साधुओं को ही दफ़नाया जाता था लेकिन बाद में गाँव के ग़रीब लोग अपने संबंधियों को यहाँ दफ़नाने लग गए .
अंतिम संस्कार के लिए शवों को दफ़ना देना एक सस्ता विकल्प है. मुरली के परिवार के सभी रिश्तेदार गाँव के इसी क़ब्रिस्तान में दफ़न हैं.
- लेकिन मुरली यह कहना नहीं भूलते, "अगर अच्छा खाना मिले तो कोई ख़राब खाना नहीं खाएगा. अगर मेरा अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाज़ों के अनुसार हो तो मैं अपने आपको धन्य मानूँगा."
- वे चाहते हैं कि सरकार इस ओर ध्यान दे. वे कहते हैं, " जीवन तो जैसे तैसे कट ही जाएगा लेकिन हम अपना परलोक नहीं बिगाड़ना चाहते हैं."
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बीमार गायों को पहुंचाया गौशाला
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बीमार गायों को पहुंचाया गौशाला
- एक रुपया एक रोटी मिशन संस्था के सदस्यों ने शनिवार को अग्रवाल कॉलोनी, लोहा मंडी व पीएलए से बेसहारा गायों को गौशाला पहुंचाया तथा बीमार गायों का हिंदवान आश्रम में ले जाकर उपचार कराया। मिशन के प्रवक्ता ज्योति कौशिक ने बताया कि ‘एक रुपया एक रोटी’ मिशन के सदस्यों ने 2 गायों तथा एक सांड को श्री हरियाणा कुरूक्षेत्र गौशाला पहुंचाया।
- हिसार.
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पाक में सिक्ख वकील के केश कत्ल
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पाक में सिक्ख वकील के केश कत्ल
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पाकिस्तान में हिंदू सिक्खों पर तालिबानी कहर जारी है। पहले तो ये कबायली इलाकों तक ही सीमित था, मगर अब इस्लामाबाद जैसे विकसित शहरों की तरफ बढ़ने लगा है। 21 नवंबर को ऐसी ही खौफनाक वारदात सिविल कोर्ट के वकील अनूप सिंह के साथ हुई।
उन्हें बुरी तरह से पीटा गया और इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया गया। इस दौरान उनके केस भी कत्ल कर दिए गए और तो और मामला भी उनके खिलाफ ही दर्ज करा दिया गया।
- गुरमीत सिंह का दावा है कि अनूप सिंह मुस्लिम महिला सफीना कंवल पत्नी मोहम्मद आमीन का केस लड़ रहे हैं।
- हमलावर आमीन के लोग थे। हमले के समय अनूप सिंह के कपड़े भी उतार दिए गए और सफीना के साथ उनके अश्लील फोटो खींचे गए। वारदात की रिपोर्ट जब पुलिस में की गई तो उन्हें सफीना के साथ बलात्कार के आरोप में दोषी बना डाला गया।
- अनूप सिंह के भाई ने खौफजदा होकर अनूप व अपने परिवार के साथ पंजा साहिब में आश्रय लिया है। उन्हें धमकाया जा रहा है कि पाक छोड़ कर चले जाएं। नहीं तो मार डाला जाएगा। गुरमीत सिंह ने भारत सरकार व सिक्ख कम्युनिटी से पाकिस्तान में सिक्खों पर हो रहे जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करने की अपील की है।
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Deshbandhu : लिब्रहान के साथ जनता की रिपोर्ट भी देखें
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- दरअसल यह एक ऐसा अपराध था जिसे इस देश के लाखों करोड़ों ने दूरदर्शन के माध्यम से देखा था और उससे पूर्व की परिस्थितियों को भी वे देख चुके थे। राम मंदिर के शिला पूजन पर प्रतिबंध लगाने में और अयोध्या की वर्षों से चली आ रही पंचकोशी परिक्रमा को रोक देने से आम जनता में आक्रोश फैलना स्वाभाविक था। इसलिए सिर्फ यह कहना कि भाजपा नेताओें ने भड़काऊ बयान दिया इसीलिए उत्तेजित कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद को ढहा दिया, ठीक नहीं होगा। यदि भड़काऊ बयान ही दोषी होता है तो सन् 1984 के दिसम्बर में जब श्रीमती इंदिरा गांधी को उनके सिख अंग रक्षकों ने गोली मार दी थी तो मीडिया को यह बात जनता से छिपानी चाहिए थी।
- अब श्री अमर सिंह कहते हैं कि सदन में भाजपाईयों की नारे बाजी करने के कारण भावावेश में आ गया था, इसलिए हमला कर दिया। मेरा इरादा हमला करने का नहीं था। सवाल है कि जब मामूली नारेबाजी से श्री अमर सिंह भावावेश में आ गये तो पंचकोशी परिक्रमा रोके जाने से जिन लोगों में आक्रोश पैदा हुआ होगा, उन्होंने यदि पुराने ढांचे को ध्वस्त कर दिया तो इसमें किसी की साजिश क्यों तलाशी जा रही है। सबसे बड़ी बात यह कि जो ढांचा गिर गया वह दुबारा नहीं बन सकता, इसलिए विवाद को खत्म कर देना चाहिए था।
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