Thursday, September 17, 2009

पीड़ित हिंदू परिवारों को भी मिले उनका हक

  • tags: no_tag

    • लुधियाना
    • अखिल भारतीय शिवसेना (राष्ट्रवादी) के प्रदेश प्रधान बलजीत सिंह जस्सियां ने कहा कि भाजपा का हिंदू-हितैषी राग कोरा ड्रामा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आतंकवाद के दौरान कई हिंदू परिवारों को उजाड़ दिया गया, लेकिन सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा ने आज तक पीड़ित हिंदू परिवारों को राहत दिलाने की आवाज नहीं उठाई।
    • उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व केंद्र सरकार ने भी 1984 के दंगा पीड़ितों को कई बार सुविधाएं दी हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री ने दंगा पीड़ितों को मकान व बूथ देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के विकास में हिंदुओं का भी अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि पीड़ित हिंदू परिवारों को भी उनका हक मिलना चाहिए, शिवसेना राष्ट्रवादी हिंदू परिवारों को उनका हक दिला कर रहेगी।

शिकागो के जयघोष की गूंज

  • tags: no_tag

    • विवेकानंद ने यह स्पष्ट किया कि अगर वेदांत को जीवन दर्शन के रूप में न मानकर एक धर्म के रूप में स्वीकार किया जाता है, तो यह सार्वभौमिक धर्म है- समग्र मानवता का धर्म। इसे हिंदुत्व के साथ इसलिए जोड़ा जाता है, क्योंकि प्राचीन भारत के हिंदुओं ने इस अवधारणा की संकल्पना की और इसे एक विचार के रूप में पेश किया। एक अलग परिप्रेक्ष्य में श्री अरबिंदो ने भी यही भाव प्रस्तुत किया- भारत को अपने भीतर से समूचे विश्व के लिए भविष्य के पंथ का निर्माण करना है। एक शाश्वत पंथ जिसमें तमाम पंथों, विज्ञान, दर्शन आदि का समावेश होगा और जो मानवता को एक आत्मा में बांधने का काम करेगा।
    • [जगमोहन: लेखक जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल हैं]

कारगिल शहीदों की उपेक्षा

  • tags: no_tag

    • अतीत के स्वर्णिम अवसरों की स्मृति को जागृत करने का एक भी उपाय करने की बजाय गुलामी की मानसिकता के प्रतीकों को संरक्षित कर गाढ़ा बनाया जा रहा है। इस भाव का एक भोड़ा उदाहरण है उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में स्थित लार्ड कार्नवलिस की कब्र। साठ के दशक में राम मनोहर लोहिया के विदेशी दासता के प्रतीक अंग्रेज शासकों की मूर्तिया सार्वजनिक स्थानों से हटाये जाने का अभियान की सफलता ने उनके नाम पर सड़कों और संस्थाओं के नामों को बदलने की भी प्रेरणा दी, लेकिन कार्नवालिस की कब्र के सामने अत्यंत अपमानजनक स्थिति में भारतीय समाज को प्रदर्शित करने का दृश्य अब तक अप्रभावित है। कब्र के पास कार्नवालिस की एक मूर्ति खड़ी है। उसके सामने कोर्निस बजाते हुए धोती, चोटी और जनेऊधारी एक हिंदू तथा तुर्की टोपी पहने एक मुसलमान की छोटी मूर्तिया बनी हैं। आश्चर्य है कि जिस पूर्वाचल की धरती को 1942 में अंग्रेजी साम्राज्य से मुक्त करा लिया गया था, उसकी छाती पर यह कलंक कैसे सुरक्षित है? ऐसा शायद इसलिए है, क्योंकि 15 अगस्त 1947 के बाद से हमने जिस स्वाभिमान को जागृत कर आजादी की जंग लड़ी थी उसका परित्याग कर परानुकरण की दिशा पकड़ लिया है।
    • [राजनाथ सिंह सूर्य: लेखक राज्यसभा के पूर्व सदस्य हैं]

जमाना गवाह, वही हुआ जो तरुणाई ने चाहा: योगी

  • tags: no_tag

    • बलिया।
    • गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी व गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तरुणाई ने जब भी करवट ली है देश की दशा व दिशा तय हुई है। हिन्दू समाज की रक्षा और भारतीयता को बचाने के लिए आज फिर युवाओं को अपना सशक्त योगदान देना होगा।
    • श्री योगी शुक्रवार को टाउन हाल के सभागार में आयोजित हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। कहा कि देश की सीमाएं खतरे में हैं। ऐसे में अगर हिन्दुस्तान का अस्तित्व बचाना है तो प्रखर राष्ट्रवाद की मुख्य धारा से सबको जुड़ना होगा।
    • मणिपुर, नागालैण्ड और अरुणांचल में हिन्दुओं का धर्म जबरन परिवर्तित कर दिया गया। अब उनका अगला निशाना यूपी ही है। इसलिए यहां के हिन्दुओं को अत्यन्त सतर्क रहने की आवश्यकता है।

Wednesday, September 16, 2009

शिल्पकला के प्रणेता भगवान विश्वकर्मा

  • tags: no_tag

    • कर्म ही पूजा है, के सिंद्धात का प्रतिपादन करने वाले भगवान विश्वकर्मा की कल जयंती है. उनकी जयंती देश के औद्योगिक, तकनीकी तथा वैज्ञानिक विकास के रूप में मनायी जाती है. इस पर्व का उद्देश्य भगवान विश्वकर्मा द्वारा मानव जाति के लिये किये गये उपकारों का स्मरण करके उन्हे श्रद्धासुमन अर्पित करना है.
    • भगवान विश्वकर्मा की पत्नी ब्रम्हवादिनी के गर्भ से मनु, मय, त्वष्टा, शिल्पी तथा देवज्ञ नामक पांच पुत्र हुये जो क्रमश: लोहा, लकड़ी, तांबा, पीतल, पत्थर और सोने-चांदी का कार्य करते थे. पंचकला में निपुण विश्वकर्मा की संतानोें को पांचाल ब्राह्मण के रूप में जाना जाता है. वेदों के अनुसार सतयुग में स्वर्गलोक का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने किया था. जहां देवों के राजा इंद्र का शासन हुआ करता था.
    • त्रेतायुग में रामायणकाल में सोने की लंका का जिक्र है, जिसके बारे में किवदंती है कि भगवान शिव ने पार्वती से विवाह करने के उपरांत भगवान विश्वकर्मा से एक भवन बनाने का आग्रह किया. उन्होंने बड़े जतन से सोने की लंका का निर्माण किया.
    • पुराणों के अनुसार विश्वकर्मा ने द्वापर युग में भगवान कृष्ण की सुरम्य द्वारकापुरी का निर्माण किया था, जिसे कृष्ण ने अपनी राजधानी बनाया और लंबे समय तक यहां राज किया.
    • कौरवों और पांडवों की राजधानी हस्तिनापुर का निर्माण विश्वकर्मा ने ही किया था.
    • विष्णु को चक्र, शिव को त्रिशूल, इंद्र को वज्र, हनुमान को गदा और कुबेर को पुष्पक विमान विश्वकर्मा ने ही प्रदान किये थे.

       

      हिन्दुओं के महान ग्रन्थ रामायण के अनुसार सीता स्वयंबर मे जिस धनुष को श्रीराम ने तोड़ा था, वह भी विश्वकर्मा के हाथों ही बना था और जिस रथ पर सवार हो कर Þोष्ठ धनुर्धर अर्जुन संसार को भस्म करने की शक्ति रखता था उसके निर्माता भगवान विश्वकर्मा ही थे.