Monday, September 14, 2009

BAMULAHIJA : Cartoons on Indian/ International Politics & Current Affairs by Kirtish Bhatt: कार्टून : डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट आई लव हिन्दी डॉट कॉम

मोबाइल,इंटरनेट के दौर में हिन्दी लिपि को खतरा :: सहारा समय

    • हर हाथ में मोबाइल फोन और हर घर तक इंटरनेट की पहुंच बनाने की कंपनियों की कोशिश के बीच हिन्दी भाषा के समक्ष नयी प्रौद्योगिकी ने उसकी लिपि देवनागरी के लोप का खतरा पैदा कर दिया है। यह मानना है विशेषज्ञों का,जो इस बात से चिंतित हैं कि मोबाइल फोन से एसएमएस करने और इंटरनेट से चिट्ठी लिखने में अंग्रेजी भाषा की रोमन लिपि का इस्तेमाल हिन्दी लिखने में किया जा रहा है।

आदित्यनाथ पूरे प्रदेश में खड़ी करेंगे हिन्दू युवा वाहिनी राजनीति समाचार-Merikahabar.com:

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    • बलिया
    • भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड सांसद योगी आदित्यनाथ ने अब हिन्दू युवा वाहिनी का विस्तार पूरे प्रदेश में करने का निर्णय लिया है। उन्होंने वाहिनी का संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने के लिए प्रदेश व्यापी दौरे भी शुरू कर दिए हैं। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वह अब तक 19 जनपदों का दौरा कर कार्यकर्ता सम्मेलन कर चुके हैं और इन सम्मेलनों के जरिए युवा वाहिनी के संगठन का ढांचा क्षेत्र पंचायत, तहसील व नगर के स्तर पर खड़ा किया जा रहा है।

‘एक गोत्र में शादी करने वालों का कत्ल गलत नहीं’

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    • मुजफ्फरनगर
    खापों का फरमान है कि किसी भी कीमत पर एक ही गोत्र में शादी को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
    • मेरठ के शामली में हुई उत्तर भारत की सर्वखाप महापंचायत में बलियान खाप ने नेता महेंद्र सिंह टिकैत ने एक गोत्र में प्रेम विवाह करने प्रेमी जोड़ों के कत्ल का फरमान जारी कर दिया।
    • वैसे पिछले दिनों मुजफ्फरनगर में जाटों की तमाम खाप भी इसी मुद्दे का हल ढूंढ़ने जुटी थीं। जुटे लोगों ने ये साफ कर दिया कि या तो सरकार को इसके लिए हिंदू मैरिज एक्ट में बदलाव करना होगा या फिर वो हिंदू धर्म तक छोड़ देंगे। मुजफ्फरनगर के देव गार्डन में जुटे लोगों का बस एक ही मकसद है कि किस तरह से प्रेम विवाह करने वाले लोगों पर अंकुश लगाया जाए। किस तरह से एक ही गोत्र या समुदाय में प्रेम विवाह करने से लोगों को रोका जाए।

visfot.com । विस्फोट.कॉम - 14 सितंबर का पाप-हिन्दी दिवस

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    • मान लीजिए कांग्रेस पार्टी गांधी नेहरू के आदर्शों को भूल गयी है. लेकिन हिन्दू-हिन्दी वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को क्या हो गया है? उसके सरसंघचालक भी केवल अंग्रेजी में इंटरव्यू देकर गौरवान्वित होने लगे हैं. राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रवादी भाजपा नेताओं के बेटे बेटियां भी क्या हिन्दी में लिखना गौरवपूर्ण मानते हैं? मजदूर किसानों के नाम पर अधिकतर कम्युनिस्ट तो हिन्दी िलखने और बोलने की हालत में ही नहीं हैं. ऐसी हालत में केवल माता पिता की कृपा, उदारता और आशिर्वाद से उऋण होने के लिए केवल एक दिन नमन करने की तरह 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के रूप में नमन करना बहुत गलत और पाप की तरह है.
    • श्राद्धपक्ष के इस काल में जब 13 सितंबर को एक टीवी चैनल पर मुझसे पूछा गया कि आप हिन्दी दिवस मनाना कितना उचित मानते हैं, तो मैंने हाय मेरी हिन्दी का राग नहीं छेड़ा. मैंने कहा कि मैं हिन्दी दिवस मनाने के बिल्कुल विरुद्ध हूं. जिस तरह से अपने माता-पिता, देवी देवता हर दिन याद रखा जाता है उसी तरह से हर दिन हिन्दी को भी याद रखा जाना चाहिए.
    • यह तो एक बानगी है. हकीकत यह है कि सरकार के सभी मंत्रालय हर साल इसी तरह हिन्दी का श्राद्धकर्म निपटाते हैं. गृहमंत्रालय, वित्त मंत्रालय, विदेश मंत्रालय जैसे सभी मंत्रालय हर साल ऐसी ही कोई आंकड़ेबाजी करके हिन्दी दिवस को श्रद्धांजलि दे देते हैं.
    • मांग की गयी कि संयुक्त राष्ट्र में हिन्दी को शामिल किया जाए. लेकिन मांग को आगे बढ़ानेवाला विदेश मंत्रालय को यह भी पता नहीं है कि उसके मंत्रालय में हिन्दी का संयुक्त सचिव स्तर का व्यक्ति कौन है?
    • (आलोक मेहता नई दुनिया के प्रधान संपादक हैं. उन्होंने अपनी यह पीड़ा आज नई दुनिया में व्यक्त की है.)