Thursday, August 6, 2009

Neither war nor peace

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    • R Jagannathan
    R Jagannathan
    • We have now compounded the mistake by claiming that our activities in Balochistan are "an open book". In its two decades of sponsoring terrorism, Pakistan has never once used the 'open book' argument to prove its hands were clean. It will never open its books to us and we will be stuck with the promise to do so in Balochistan.
    • The real issue is this: by talking about an open book, we are taking a moral position instead of being driven purely by the country's long-term interests. And this has been true for us since the time of Gandhi and Nehru. Manmohan Singh is only the latest leader in a long line of people to believe that somewhere, sometime, Pakistanis will want peace as much as we do.
    • They won't. There are several reasons why there won't be real peace in our time. One is a civilisational issue. The second is ideological. And the third has to do with geopolitics.

Two central varsities to come up in J&K: GoM

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    • “The state government has taken up with the Centre that there should be two central universities in J&K and they assured that two universities will be set up in the state — one in Jammu and the other in Kashmir,” political advisor to the chief minister, Divender Rana,told reporters here, adding the Group of Ministers had pleaded with Centre to open two universities in the state — one each in Srinagar and Jammu.

पक्षपातपूर्ण पंथनिरपेक्षता - Jagran - Yahoo! India - Opinion News

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    • वर्ष 2005 में हाजियों की संख्या 80786 थी और तब प्रति व्यक्ति 24844 रुपये हज सब्सिडी दी गई थी अर्थात करीब 200 करोड़ रुपये। मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आकड़ों से यह खुलासा हुआ कि प्रति वर्ष अकेले हज सब्सिडी में करीब सौ करोड़ की वृद्धि की गई है। वर्ष 2008 में हाजियों की संख्या 121695 है और प्रति व्यक्ति 60876 रुपये हज सब्सिडी दी गई। यह राशि करीब साढ़े सात सौ करोड़ रुपये है अर्थात पाच साल में चार गुना वृद्धि हुई है।
    • अन्य मतावलंबियों के संबंध में पूछे गए प्रश्न के जवाब में केवल कैलाश मानसरोवर यात्रा का उल्लेख है। मंत्रालय ने बताया है कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए कुछ अतिरिक्त संचार-तंत्रीय व्यवस्थाओं को करने के लिए सरकार प्रति तीर्थयात्री 3250 रुपये का भुगतान कुमाऊं मंडल विकास निगम को करती है। यह छोटी सी राशि तीर्थयात्रियों का व्ययभार कम करने के लिए नहीं दी जाती। कानून एवं व्यवस्था कायम करना सरकार का दायित्व है और कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग में यदि संचार व सुरक्षा पर कोई राशि खर्च की जाती है तो उसकी तुलना हज सब्सिडी से कैसे की जा सकती है?
    • यह भी स्वाभाविक प्रश्न है कि हज सब्सिडी क्या सरकार अपनी जेब से देती है? यह तो जनता से एकत्रित राजस्व से दी जाती है। इसलिए हज सब्सिडी को मैं हिंदुओं पर जजिया कर के समान ही मानता हूं।
    • [हज सब्सिडी को शासन के स्तर पर मजहबी भेदभाव का प्रमाण मान रहे हैं बलबीर पुंज]

रामजन्मभूमि पर राष्ट्रीय स्मारक बनाना चाहती हैं सोनिया - Jagran - Yahoo! India - News

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    • बहराइच
    • श्रीराम जन्मभूमि न्यास के उपाध्यक्ष रामविलास दास वेदान्ती ने आज यहां आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी श्रीराम जन्मभूमि पर राष्ट्रीय स्मारक बनाना चाहती है। वे चाहती हैं कि कुबेर टीला के पास बाबरी मस्जिद का निर्माण हो।
    • वेदांती गुल्लावीर मंदिर पर चल रहे रूद्राभिषेक में भाग लेने यहां आए हुए हैं। भाजपा नेता श्यामकरन टेकड़ीवाल के आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल नहीं चाहता कि अयोध्या में राममंदिर बने। केवल संघ विहिप व हिन्दू जनता ही मंदिर का निर्माण चाहती है। भाजपा यदि चाहती तो जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे तो अयोध्या में राममंदिर बन जाता।

मैगसैसे विजेता संदीप पांडे पर मुक़दमा | सरोकार | Deutsche Welle | 03.08.2009

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    • मैगसैसे एवार्ड विजेता मशहूर पर्यावरणवादी और सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडे के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश की एक अदालत ने शांति भंग करने और दो समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने के आरोप में मुक़दमा चलाने का आदेश दिया है.
    • ये मामला 2003 का है. राम जन्म भूमि पुलिस स्टेशन में इसे दर्ज कराया गया था. संदीप पांडे अपने सहयोगियों के साथ उस समय हिंदूवादी गुट विश्व हिंदू परिषद के कथित सांप्रदायिक कार्यक्रम के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे थे.