Wednesday, July 29, 2009

असहिष्णु हिंदुओं का पाखंड - Jagran - Yahoo! India - Opinion News

  • tags: no_tag

    • आज विश्व में हिंदू समाज, धर्म और हिंदू प्रतिभाओं की प्रशसा इसलिए होती है, क्योंकि ये हजारों वर्ष पुरानी सनातन परंपराओं का अनुगमन करते हुए भी बदलते वक्त के साथ खुद को ढालने की अपूर्व क्षमता दिखाते हैं। सुधारों का अधुनातन प्रभाव गावों तथा शहरों के रूढि़बद्ध अंधकार से घिरे लोगों तक भी पहुंचे तभी हिंदू जाति के उत्कर्ष पर लगा ग्रहण हटेगा।
    • तरुण विजय

Comments

Loading... Logging you in...
  • Logged in as
There are no comments posted yet. Be the first one!

Post a new comment

Comments by