Sunday, June 20, 2010

visfot.com । विस्फोट.कॉम - महिलाएं कर रही हैं सऊदी में शादी का सौदा

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    • फ़िरदौस ख़ान
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    • मैमूना का कहना कि यहां की महिलाएं बंदिशों के बीच ज़िन्दगी गुज़ारती हैं. उन्हें हर बात के लिए अपने पिता, भाई, शौहर या बेटे पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन अब बदलाव की हवा चलने लगी है. जो लड़कियां यूरोपीय देशों में पढ़कर आती हैं, वे इस माहौल में नहीं रह पातीं. उनकी देखा-देखा देखी यहां की लड़कियों में भी बदलाव आया है. यहां की महिलाएं विदेशी लड़कों को पसंद करने लगी हैं, क्योंकि वो उन पर ज़ुल्म  नहीं करते. उनके जज़्बात को समझते हैं. उनके साथ जंगलियों जैसा बर्ताव नहीं करते.  वे हिन्दुस्तान और पाकिस्तान से रोज़गार के लिए आने वाले बेरोज़गार लड़कों को एक समझौते के तहत अपना शौहर बनाती हैं और इसके लिए बाक़ायदा उन्हें तनख्वाह देती हैं. उनका मानना है कि ऐसे रिश्तों में महिलाएं  अपनी बात रख सकती हैं और उनकी ज़िन्दगी ग़ुलामों जैसी नहीं होती.  

      अरब न्यूज़  के मुताबिक़ कुछ अरसे पहले ही ऐसी शादी करने वाली रिग़दा  का कहना है कि इस विवाह से उसकी कई परेशानियां दूर हो गई हैं. उसने बताया कि अपनी पहली नाकाम और तल्ख़ अनुभव वाली शादी के बाद उसने तय कर लिया था कि अब वह कभी शादी नहीं करेगी, लेकिन एक दिन उसकी एक सहेली ने उसे सलाह दी कि वह किसी बेरोज़गार लड़के से शादी कर ले. उसने बताया कि पहले तो उसे यह बात मज़ाक सी लगी, लेकिन जब मिसालें सामने आईं तो ऐसा लगा जैसे यह 'सौदा' दोहरे फ़ायदे का है यानी एक तो क़ानूनी सरपरस्त (संरक्षक) मिल जाएगा और वह हुक्म देने वाले के बजाय हुक्म मानने वाला होगा. उसने बताया कि वह जब भी किसी बात की इजाज़त मांगती थी तो उसका शौहर उसे बहुत प्रताड़ित और परेशान किया करता था और इस तरह उसके हर काम में महीनों की देर हो जाती थी, लेकिन अब हालत यह है कि उसका तनख्वाह वाला शौहर उसे हर काम की फ़ौरन इजाज़त दे देता है.

      इसी तरह का विवाह करने वाले माजिद  ने बताया कि शादी से पहले वो टैक्सी ड्राइवर था. एक दिन उसे वह सवारी मिल गई, जो अब उसकी बीवी है. उसने बताया कि बतौर ड्राइवर जहां वह बड़ी मुश्किल से दो हज़ार रियाल (अरब की मुद्रा) कमा पाता था, वहीं अब उसे बीवी से छह हज़ार रियाल मिल जाते हैं. माजिद ने बताया कि उसकी बीवी ने तो यहां तक कह दिया है कि अगर वो उच्च शिक्षा हासिल करना चाहता है तो उसका ख़र्च भी वह उठाने के लिए तैयार है. उसकी बीवी उम्र में उससे 14 साल बड़ी है. माजिद ने कहा कि उसकी बीवी ने उससे यह भी वादा किया है कि कुछ साल बाद वो किसी जवान लड़की से उसकी शादी करा देगी. रीम नाम की एक महिला ने बताया कि उसने भी एक बेरोज़गार लड़के से शादी की थी. इसके लिए बाक़ायदा वो अपने शौहर को तनख्वाह देती है, लेकिन उसने यह काम अपने घर वालों से छुपकर किया. जब लड़के को इस बात का पता चला तो वो उससे ज़्यादा पैसों की मांग करने लगा. इसके बावजूद यह रिश्ता फ़ायदे का ही रहा. 

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